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सऊदी अरब ने खत्म कर दिया कपाला कानून, इसमें भारत के लिए खुशखबरी क्या है?

सऊदी अरब ने एक अपने कानून को खत्म किया है! जिसका नाम है कपाला कानून जिससे भारत को बहुत ही ज्यादा फायदा हुआ है। भारत के बहुत वर्कर गल्फ country में काम करते हैं। जिससे बाहर के देशों का पैसा अपने देश में आता है और भारत देश की economy grow करती है। सऊदी अरेबिया जैसे गल्फ कंट्री में पेट्रोलियम का भंडार है,लेकिन करोना के कारण इस पर बहुत बुरा असर पड़ा है। जिसके कारण पूरे देश की और खास करके सऊदी अरेबिया जैसे गल्फ कंट्री देशों की अर्थव्यवस्था पूरी तरह खराब हो चुका है। तो सऊदी अरबिया ने अपनी अर्थव्यवस्था को सही करने के लिए मैन्युफैक्चरिंग हब लगाना शुरू किया है। जिसमें कि वर्कर को सुविधा देने के लिए काफला कानून को खत्म किया कर दिया गया है । कपाला कानून के तहत भारतीय मजदूरों को शोषण किया जाता था। तो आइए जानते हैं विस्तार से कफाला कानून क्या है भारत को इससे क्या फायदा होगा? 

1. कफाला कानून क्या है? 

कफाला काम को हम एक उदाहरण के तौर पर समझते हैं। जैसे कि मान लीजिए एक आदमी है। जो अपने देश भारत से सऊदी अरबिया में जाता है काम करने के लिए लेकिन वह सीधे सऊदी अरबिया नहीं जा सकता है काम करने के लिए बल्कि उसे किसी कंपनी से  समझौता करना होगा । जब वह कंपनी में काम करने के लिए जाता था। तो कंपनी उसका पासपोर्ट रख लेती थी और वह आदमी वापस सोचेगा कि उस कंपनी को छोड़कर वापस भारत आ जाए तो वह आदमी कंपनी को डायरेक्ट नहीं छोड़ सकता था । एक लंबी प्रोसेस रहती थी वापस भारत आने के लिए लेकिन अगर कंपनी को लगेगा कि उसे वर्कर की जरूरत है। हम इसे नहीं जाने दे तो उससे नहीं जाने दिया जाता था और सबसे बड़ी दिक्कत यह था कि कफाला कानून के तहत  यहाँ मजदूरों का शोषण होता था। मान लीजिए कोई वर्कर इंडिया से गया है सऊदी अरबिया एक कंपनी में काम करने के लिए जहां उस कंपनी में उसे ₹30000 सैलरी मिल रही है ,लेकिन छुट्टी के टाइम पर यह घूमने गया है तो पता चला कि 5000 किलोमीटर दूर दूसरी कंपनी में उसी काम के 50,000 सैलरी मिल रही है । तो यह वर्कर पहली कंपनी में रिजाइन देकर दूसरी कंपनी में ज्वाइन कर लेता है। तो पुलिस उसे कफाला कानून के तहत पकड़ कर जेल में डाल देगी। उस आदमी को कंपनी चेंज करने के लिए ये करना होता था, कि पहली कंपनी से रिजाइन देकर वापस इंडिया आना होता था और दूसरी कंपनी में अप्लाई करना होता था। उसके बाद जब कंपनी recive करेगी ।तब वह आदमी उस कंपनी में join हो सकता था। जिससे कि इसका खामियाजा सऊदी अरबिया को भुगतना पड़ा था। 2014 में भारत से मजदूर 8 लाख के करीब गए थे जोकि घट के 2018 में 3.4 लाख हो गए। 

2. सऊदी अरेबिया ने कफाला कानून में क्या बदलाव किया है? 

सऊदी अरबिया में इसका कफाला कानून को खत्म कर दिया है । अब कोई भी वर्कर एक कंपनी से दूसरे कंपनी में जा सकते हैं। जहां वर्कर को अच्छी सैलरी मेडिकल फैसिलिटी और अच्छा व्यवहार होगा वर्कर उस कंपनी में जाएंगे । इससे यह होगा कि कंपनी में कॉन्पिटिशन बढ़ जाएगा । जो कंपनी वर्कर को फैसिलिटी बढ़िया देगा तो वर्कर वहां चले जाएंगे। सऊदी अरेबिया में एक ऑनलाइन पोर्टल दे दिया जाएगा । जहां वर्कर शिकायत कर सकते हैं कि इस कंपनी में आपके साथ अच्छा व्यवहार नहीं हो रहा है और आप दूसरी कंपनी में जाना चाहते हैं। तो वहां की सरकार आपको परमिशन दे देगी। 

3. कफाला कानून खत्म होने से भारत को क्या फायदा होगा

कफाला कानून खत्म होने से भारत को बहुत ज्यादा प्रॉफिट होगा क्योंकि भारत से बहुत सारे लोग सऊदी अरबिया जाएंगे काम करने के लिए और वहां से पैसा भेजेंगे। जिससे भारत की इकोनामी ग्रो करेगी एक रिपोर्ट के मुताबिक 2014 में आठ लाख वहां गए थे। वहां से अगर 10000 भी भेजते तो 800000 आदमी से भारत को अरबों रुपए मिलता था। 

4. सऊदी अरेबिया ने  कफाला कानून खत्म क्यों किया? 

सऊदी अरेबिया को काफला कानून खत्म करने के पीछे बहुत बड़ी वजह करोना है जिससे कि सऊदी अरबिया को बहुत ज्यादा नुकसान हुआ है, क्योंकि उसकी तेल की सप्लाई लॉकडाउन में बंद हो गई थी। जिसके चलते सऊदी अरबिया ने इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए कफाला कानून को खत्म किया है। 

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